इस्तिसना 29:4 - किताब-ए मुक़द्दस4 मगर अफ़सोस, आज तक रब ने तुम्हें न समझदार दिल अता किया, न आँखें जो देख सकें या कान जो सुन सकें। Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 20194 लेकिन ख़ुदावन्द ने तुमको आज तक न तो ऐसा दिल दिया जो समझे, और न देखने की आँखें और सुनने के कान दिए। Viz kapitola |