इस्तिसना 15:8 - किताब-ए मुक़द्दस8 खुले दिल से उस की मदद कर। जितनी उसे ज़रूरत है उसे उधार के तौर पर दे। Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 20198 बल्कि उसकी ज़रूरत दूर करने को जो चीज़ उसे दरकार हो, उसके लिए तू ज़रूर खुले दिल से उसे क़र्ज़ देना। Viz kapitola |