दानियाल 7:19 - किताब-ए मुक़द्दस19 मैं चौथे जानवर के बारे में मज़ीद जानना चाहता था, उस जानवर के बारे में जो दीगर जानवरों से इतना मुख़्तलिफ़ और इतना हौलनाक था। क्योंकि उसके दाँत लोहे और पंजे पीतल के थे, और वह सब कुछ खाता और चूर चूर करता था। जो बच जाता उसे वह पाँवों तले रौंद देता था। Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 201919 तब मैने चाहा कि चौथे हैवान की हक़ीक़त समझूँ, जो उन सब से मुख़्तलिफ़ और निहायत हौलनाक था, जिसके दाँत लोहे के और नाख़ून पीतल के थे, जो निगलता और टुकड़े — टुकड़े करता और जो कुछ बचता उसको पाँव से लताड़ता था। Viz kapitola |