दानियाल 6:25 - किताब-ए मुक़द्दस25 फिर दारा बादशाह ने सलतनत की तमाम क़ौमों, उम्मतों और अहले-ज़बान को ज़ैल का पैग़ाम भेजा, “सबकी सलामती हो! Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 201925 तब दारा बादशाह ने सब लोगों और क़ौमों और अहल — ए — ज़ुबान को जो इस ज़मीन पर बसते थे, ख़त लिखा: “तुम्हारी सलामती बढ़ती जाये! Viz kapitola |