दानियाल 4:36 - किताब-ए मुक़द्दस36 ज्योंही मैं दुबारा होश में आया तो मुझे पहली शाही इज़्ज़त और शानो-शौकत भी अज़ सरे-नौ हासिल हुई। मेरे मुशीर और शुरफ़ा दुबारा मेरे सामने हाज़िर हुए, और मुझे दुबारा तख़्त पर बिठाया गया। पहले की निसबत मेरी अज़मत में इज़ाफ़ा हुआ। Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 201936 उसी वक़्त मेरी 'अक़्ल मुझ में फिर आई, और मेरी सल्तनत की शौकत के लिए मेरा रौ'ब और दबदबा फिर मुझमे बहाल हो गया, और मेरे सलाहकारों और अमीरों ने मुझे फिर ढूँडा और मैं अपनी ममलुकत में क़ाईम हुआ और मेरी 'अज़मत में अफ़ज़ूनी हुई। Viz kapitola |