दानियाल 4:17 - किताब-ए मुक़द्दस17 क्योंकि मुक़द्दस फ़रिश्तों ने फ़तवा दिया है कि ऐसा ही हो ताकि इनसान जान ले कि अल्लाह तआला का इख़्तियार इनसानी सलतनतों पर है। वह अपनी ही मरज़ी से लोगों को उन पर मुक़र्रर करता है, ख़ाह वह कितने ज़लील क्यों न हों।’ Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 201917 यह हुक्म निगहबानों के फ़ैसले से है, और यह हुक्म फ़रिश्तों के कहने के मुताबिक़ है, ताकि सब जानदार पहचान लें कि हक़ त'आला आदमियों की ममलुकत में हुक्मरानी करता है और जिसको चाहता है उसे देता है, बल्कि आदमियों में से अदना आदमी को उस पर क़ायम करता है। Viz kapitola |