दानियाल 4:11 - किताब-ए मुक़द्दस11 यह दरख़्त इतना ऊँचा और तनावर होता गया कि आख़िरकार उस की चोटी आसमान तक पहुँच गई और वह दुनिया की इंतहा तक नज़र आया। Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 201911 वह दरख़्त बढ़ा और मज़बूत हुआ और उसकी चोटी आसमान तक पहुँची, और वह ज़मीन की इन्तिहा तक दिखाई देने लगा। Viz kapitola |