दानियाल 2:9 - किताब-ए मुक़द्दस9 अगर तुम मुझे ख़ाब न बताओ तो तुम सबको एक ही सज़ा दी जाएगी। क्योंकि तुम सब झूट और ग़लत बातें पेश करने पर मुत्तफ़िक़ हो गए हो, यह उम्मीद रखते हुए कि हालात किसी वक़्त बदल जाएंगे। मुझे ख़ाब बताओ तो मुझे पता चल जाएगा कि तुम मुझे उस की सहीह ताबीर पेश कर सकते हो।” Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 20199 लेकिन अगर तुम मुझ को ख़्वाब न बताओगे, तो तुम्हारे लिए एक ही हुक्म है, क्यूँकि तुम ने झूट और बहाने की बातें बनाई ताकि मेरे सामने बयान करो कि वक़्त टल जाए; इसलिए ख़्वाब बताओ तो मैं जानूँ कि तुम उसकी ता'बीर भी बयान कर सकते हो।” Viz kapitola |