दानियाल 2:35 - किताब-ए मुक़द्दस35 नतीजे में पूरा मुजस्समा पाश पाश हो गया। जितना भी लोहा, मिट्टी, पीतल, चाँदी और सोना था वह उस भूसे की मानिंद बन गया जो गाहते वक़्त बाक़ी रह जाता है। हवा ने सब कुछ यों उड़ा दिया कि इन चीज़ों का नामो-निशान तक न रहा। लेकिन जिस पत्थर ने मुजस्समे को गिरा दिया वह ज़बरदस्त पहाड़ बनकर इतना बढ़ गया कि पूरी दुनिया उससे भर गई। Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 201935 तब लोहा और मिट्टी और ताँम्बा और चाँदी और सोना, टुकड़े टुकड़े किए गए और ताबिस्तानी खलीहान के भूसे की तरह हुए, और हवा उनको उड़ा ले गई, यहाँ तक कि उनका पता न मिला; और वह पत्थर जिसने उस मूरत को तोड़ा, एक बड़ा पहाड़ बन गया और सारी ज़मीन में फैल गया। Viz kapitola |