दानियाल 2:31 - किताब-ए मुक़द्दस31 ऐ बादशाह, रोया में आपने अपने सामने एक बड़ा और लंबा-तड़ंगा मुजस्समा देखा जो तेज़ी से चमक रहा था। शक्लो-सूरत ऐसी थी कि इनसान के रोंगटे खड़े हो जाते थे। Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 201931 ऐ बादशाह, तू ने एक बड़ी मूरत देखी; वह बड़ी मूरत जिसकी रौनक़ बेनिहायत थी, तेरे सामने खड़ी हुई और उसकी सूरत हैबतनाक थी। Viz kapitola |