कुलुस्सियों 2:18 - किताब-ए मुक़द्दस18 ऐसे लोग आपको मुजरिम न ठहराएँ जो ज़ाहिरी फ़रोतनी और फ़रिश्तों की पूजा पर इसरार करते हैं। बड़ी तफ़सील से अपनी रोयाओं में देखी हुई बातें बयान करते करते उनके ग़ैररूहानी ज़हन ख़ाहमख़ाह फूल जाते हैं। Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 201918 ऐसे लोग तुम को मुजरिम न ठहराएँ जो ज़ाहिरी फ़रोतनी और फ़रिश्तों की इबादत पर इसरार करते हैं। बड़ी तफ़्सील से अपनी रोयाओं में देखी हुई बातें बयान करते करते उन के ग़ैररुहानी ज़हन ख़्वाह — म — ख़्वाह फूल जाते हैं। Viz kapitolaउर्दू हमअस्र तरजुमा18 अगर कोई शख़्स ज़ाहिरी ख़ाकसारी और फ़रिश्तों की इबादत करने से ख़ुश होता है। ऐसा शख़्स बड़ी तफ़्सील से अपनी रोयाओं में देखी हुई चीज़ों का बयान करता है; और अपनी ग़ैर रूहानी अक़्ल पर बेफ़ाइदा फूल जाता है। Viz kapitola |