रसूलों 27:10 - किताब-ए मुक़द्दस10 “हज़रात, मुझे पता है कि आगे जाकर हम पर बड़ी मुसीबत आएगी। हमें जहाज़, मालो-असबाब और जानों का नुक़सान उठाना पड़ेगा।” Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 201910 कि ऐ साहिबो। मुझे मालूम होता है, कि इस सफ़र में तकलीफ़ और बहुत नुक़्सान होगा, न सिर्फ़ माल और जहाज़ का बल्कि हमारी जानों का भी। Viz kapitolaउर्दू हमअस्र तरजुमा10 “ऐ भाईयो, मुझे लगता है के हमारा सफ़र पर ख़तर साबित होगा और सिर्फ़ माल-ओ-अस्बाब और समुन्दरी जहाज़ का बल्के हमारी जानों का भी ख़तरा है।” Viz kapitola |