रसूलों 26:5 - किताब-ए मुक़द्दस5 वह मुझे बड़ी देर से जानते हैं और अगर चाहें तो इसकी गवाही भी दे सकते हैं कि मैं फ़रीसी की ज़िंदगी गुज़ारता था, हमारे मज़हब के उसी फ़िरक़े की जो सबसे कटर है। Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 20195 चूँकि वो शुरू से मुझे जानते हैं, अगर चाहें तो गवाह हो सकते हैं, कि में फ़रीसी होकर अपने दीन के सब से ज़्यादा पाबन्द मज़हबी फ़िरक़े की तरह ज़िन्दगी गुज़ारता था। Viz kapitolaउर्दू हमअस्र तरजुमा5 वह मुद्दत से मुझे जानते हैं और अगर चाहें तो मेरे हक़ में गवाही दे सकते हैं के मैं अपने कट्टर मज़हबी फ़िर्क़े के मुताबिक़ एक फ़रीसी की हैसियत से किस तरह ज़िन्दगी गुज़ारता आया हूं। Viz kapitola |