रसूलों 26:18 - किताब-ए मुक़द्दस18 तू उनकी आँखों को खोल देगा ताकि वह तारीकी और इबलीस के इख़्तियार से नूर और अल्लाह की तरफ़ रुजू करें। फिर उनके गुनाहों को मुआफ़ कर दिया जाएगा और वह उनके साथ आसमानी मीरास में शरीक होंगे जो मुझ पर ईमान लाने से मुक़द्दस किए गए हैं।’ Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 201918 कि तू उन की आँखें खोल दे ताकि अन्धेरे से रोशनी की तरफ़ और शैतान के इख़्तियार से ख़ुदा की तरफ़ रुजू लाएँ, और मुझ पर ईमान लाने के ज़रिए गुनाहों की मु'आफ़ी और मुक़द्दसों में शरीक हो कर मीरास पाएँ।” Viz kapitolaउर्दू हमअस्र तरजुमा18 ताके तो उन की आंखें खोले और उन्हें तारीकी से रोशनी में ले आये, और शैतान के इख़्तियार से निकाल कर ख़ुदा की तरफ़ फेर दे, ताके वह मुझ पर ईमान लायेंगे और गुनाहों की मुआफ़ी पायें और ख़ुदा के बरगुज़ीदा लोगों में शरीक होकर मीरास हासिल करें।’ Viz kapitola |