रसूलों 26:10 - किताब-ए मुक़द्दस10 और यह मैंने यरूशलम में किया भी। राहनुमा इमामों से इख़्तियार लेकर मैंने वहाँ के बहुत-से मुक़द्दसों को जेल में डलवा दिया। और जब कभी उन्हें सज़ाए-मौत देने का फ़ैसला करना था तो मैंने भी इस हक़ में वोट दिया। Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 201910 चुनाँचे मैंने येरूशलेम में ऐसा ही किया, और सरदार काहिनों की तरफ़ से इख़्तियार पाकर बहुत से मुक़द्दसों को क़ैद में डाला और जब वो क़त्ल किए जाते थे, तो मैं भी यही मशवरा देता था। Viz kapitolaउर्दू हमअस्र तरजुमा10 चुनांचे मैंने यरूशलेम में ऐसा ही किया। मैंने अहम-काहिनों से इख़्तियार पा कर बहुत से मुक़द्दसीन को क़ैद में डाला और जब उन्हें सज़ा-ए-मौत सुनाई जाती थी तो में भी यही राय देता था। Viz kapitola |