रसूलों 25:27 - किताब-ए मुक़द्दस27 क्योंकि मुझे बेतुकी-सी बात लग रही है कि हम एक क़ैदी को रोम भेजें जिस पर अब तक साफ़ इलज़ामात नहीं लगाए गए हैं।” Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 201927 क्यूँकि क़ैदी के भेजते वक़्त उन इल्ज़ामों को जो उस पर लगाए गए है, ज़ाहिर न करना मुझे ख़िलाफ़ — ए — अक़्ल मा'लूम होता है। Viz kapitolaउर्दू हमअस्र तरजुमा27 क्यूंके किसी क़ैदी को भेजते वक़्त इस पर लगाये गये इल्ज़ामात को ज़ाहिर न करना मेरे नज़दीक दानिशमन्दी नहीं है।” Viz kapitola |