रसूलों 25:25 - किताब-ए मुक़द्दस25 मेरी दानिस्त में तो इसने कोई ऐसा काम नहीं किया जो सज़ाए-मौत के लायक़ हो। लेकिन इसने शहनशाह से अपील की है, इसलिए मैंने इसे रोम भेजने का फ़ैसला किया है। Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 201925 लेकिन मुझे मा'लूम हुआ कि उस ने क़त्ल के लायक़ कुछ नहीं किया; और जब उस ने ख़ुद शहन्शाह के यहाँ फ़रियाद की तो मैं ने उस को भेजने की तज्वीज़ की। Viz kapitolaउर्दू हमअस्र तरजुमा25 लेकिन मुझे मालूम हुआ है के पौलुस ने ऐसी कोई ख़ता नहीं की के उसे सज़ा-ए-मौत दी जाये, चूंके अब इस ने क़ैसर के हां अपील की है तो मैंने मुनासिब समझा के उसे रोम भेज दूं। Viz kapitola |