रसूलों 24:4 - किताब-ए मुक़द्दस4 लेकिन मैं नहीं चाहता कि आप मेरी बातों से हद से ज़्यादा थक जाएँ। अर्ज़ सिर्फ़ यह है कि आप हम पर मेहरबानी का इज़हार करके एक लमहे के लिए हमारे मामले पर तवज्जुह दें। Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 20194 मगर इस लिए कि तुझे ज़्यादा तकलीफ़ न दूँ, मैं तेरी मिन्नत करता हूँ कि तू मेहरबानी से दो एक बातें हमारी सुन ले। Viz kapitolaउर्दू हमअस्र तरजुमा4 लेकिन आप का ज़्यादा वक़्त लिये बग़ैर अर्ज़ करता हूं के मेहरबानी से हमारी मुख़्तसर सी दरख़्वास्त सुन लें। Viz kapitola |