रसूलों 2:46 - किताब-ए मुक़द्दस46 रोज़ाना वह यकदिली से बैतुल-मुक़द्दस में जमा होते रहे। साथ साथ वह मसीह की याद में अपने घरों में रोटी तोड़ते, बड़ी ख़ुशी और सादगी से रिफ़ाक़ती खाना खाते Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 201946 और हर रोज़ एक दिल होकर हैकल में जमा हुआ करते थे, और घरों में रोटी तोड़कर ख़ुशी और सादा दिली से खाना खाया करते थे। Viz kapitolaउर्दू हमअस्र तरजुमा46 वह हर रोज़ एक दिल होकर बैतुलमुक़द्दस के सहन में जमा होते थे। अपने घरों में रोटी तोड़ते थे और इकट्-ठे होकर ख़ुशी और साफ़ दिली से खाना खाते थे। Viz kapitola |