रसूलों 17:11 - किताब-ए मुक़द्दस11 यह लोग थिस्सलुनीके के यहूदियों की निसबत ज़्यादा खुले ज़हन के थे। यह बड़े शौक़ से पौलुस और सीलास की बातें सुनते और रोज़ बरोज़ कलामे-मुक़द्दस की तफ़तीश करते रहे कि क्या वाक़ई ऐसा है जैसा हमें बताया जा रहा है? Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 201911 ये लोग थिस्सलुनीकियों के यहूदियों से नेक ज़ात थे, क्यूँकि उन्हों ने बड़े शौक़ से कलाम को क़ुबूल किया और रोज़ — ब — रोज़ किताब ऐ मुक़द्दस में तहक़ीक़ करते थे, कि आया ये बातें इस तरह हैं? Viz kapitolaउर्दू हमअस्र तरजुमा11 बिरिया के यहूदी लोग थिसलुनीके के लोगों से ज़्यादा शरीफ़ साबित हुए, इसलिये के उन्होंने किताब-ए-मुक़द्दस को बड़े शौक़ से क़बूल किया। वह हर रात पाक नविश्तों की तहक़ीक़ करते थे ताके देखें के पौलुस की बातें बरहक़ हैं या नहीं। Viz kapitola |