रसूलों 13:38 - किताब-ए मुक़द्दस38 भाइयो, अब मेरी यह बात जान लें, हम इसकी मुनादी करने आए हैं कि आपको इस शख़्स ईसा के वसीले से अपने गुनाहों की मुआफ़ी मिलती है। मूसा की शरीअत आपको किसी तरह भी रास्तबाज़ क़रार नहीं दे सकती थी, Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 201938 पस, ऐ भाइयों! तुम्हें मा' लूम हो कि उसी के वसीले से तुम को गुनाहों की मु'आफ़ी की ख़बर दी जाती है। Viz kapitolaउर्दू हमअस्र तरजुमा38-39 “पस ऐ अज़ीज़ों, जान लो के हुज़ूर ईसा के वसीले से ही तुम्हें गुनाहों की मुआफ़ी की मुनादी की जाती है। हज़रत मूसा की शरीअत के बाइस जिन बातों से तुम बरी नहीं हो सकते थे, उन सब से हर एक ईमान लाने वाला उस के वसीले से बरी होता है। Viz kapitola |