रसूलों 10:28 - किताब-ए मुक़द्दस28 उसने उनसे कहा, “आप जानते हैं कि किसी यहूदी के लिए किसी ग़ैरयहूदी से रिफ़ाक़त रखना या उसके घर में जाना मना है। लेकिन अल्लाह ने मुझे दिखाया है कि मैं किसी को भी हराम या नापाक क़रार न दूँ। Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 201928 उनसे कहा तुम तो जानते हो कि यहूदी को ग़ैर क़ौम वाले से सोहबत रखना या उसके यहाँ जाना ना जायज़ है मगर ख़ुदा ने मुझ पर ज़ाहिर किया कि मैं किसी आदमी को नजिस या नापाक न कहूँ। Viz kapitolaउर्दू हमअस्र तरजुमा28 आप ने उन से कहा, “तुम ख़ूब जानते हो के किसी यहूदी का ग़ैरयहूदी से मेल-जोल रखना नाजायज़ है। लेकिन ख़ुदा ने मुझ पर ज़ाहिर कर दिया के मुझे किसी भी इन्सान को नजिस या नापाक कहने का कोई इख़्तियार नहीं। Viz kapitola |