3 यूहन्ना 1:8 - किताब-ए मुक़द्दस8 चुनाँचे यह हमारा फ़र्ज़ है कि हम ऐसे लोगों की मेहमान-नवाज़ी करें, क्योंकि यों हम भी सच्चाई के हमख़िदमत बन जाते हैं। Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 20198 पस ऐसों की ख़ातिरदारी करना हम पर फ़र्ज़ है, ताकि हम भी हक़ की ताईद में उनके हम ख़िदमत हों। Viz kapitolaउर्दू हमअस्र तरजुमा8 इसलिये हमारा फ़र्ज़ है के ऐसे लोगों की मदद और ख़ातिरदारी करें ताके हम उस हक़ के हम ख़िदमत हो सकें। Viz kapitola |