2 तीमु 2:24 - किताब-ए मुक़द्दस24 लाज़िम है कि ख़ुदावंद का ख़ादिम न झगड़े बल्कि हर एक से मेहरबानी का सुलूक करे। वह तालीम देने के क़ाबिल हो और सब्र से ग़लत सुलूक बरदाश्त करे। Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 201924 और मुनासिब नहीं कि ख़ुदावन्द का बन्दा झगड़ा करे बल्कि सब के साथ रहम करे और ता'लीम देने के लायक़ और हलीम हो। Viz kapitolaउर्दू हमअस्र तरजुमा24 और ख़ुदावन्द का ख़ादिम फ़सादी न हो बल्के वह सब के साथ नरमी से पेश आये, और तालीम देने के लाइक़ हो, और नाइन्साफ़ी की हालात में भी सब्र से काम ले। Viz kapitola |