2 समुएल 15:21 - किताब-ए मुक़द्दस21 लेकिन इत्ती ने एतराज़ किया, “मेरे आक़ा, रब और बादशाह की हयात की क़सम, मैं आपको कभी नहीं छोड़ सकता, ख़ाह मुझे अपनी जान भी क़ुरबान करनी पड़े।” Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 201921 तब इती ने बादशाह को जवाब दिया, “ख़ुदावन्द की हयात की क़सम और मेरे मालिक बादशाह की जान की क़सम जहाँ कहीं मेरा मालिक बादशाह चाहे मरते चाहे जीते होगा, वहीं ज़रूर तेरा ख़ादिम भी होगा।” Viz kapitola |