2 समुएल 14:9 - किताब-ए मुक़द्दस9 लेकिन औरत ने गुज़ारिश की, “ऐ बादशाह, डर है कि लोग फिर भी मुझे मुजरिम ठहराएँगे अगर मेरे बेटे को सज़ाए-मौत न दी जाए। आप पर तो वह इलज़ाम नहीं लगाएँगे।” Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 20199 तक़ू'अ की उस 'औरत ने बादशाह से कहा, “ऐ मेरे मालिक! ऐ बादशाह! सारा गुनाह मुझ पर और मेरे बाप के घराने पर हुआ और बादशाह और उसका तख़्त बे गुनाह रहे।” Viz kapitola |