2 पतरस 1:13 - किताब-ए मुक़द्दस13 बल्कि मैं अपना फ़र्ज़ समझता हूँ कि जितनी और देर मैं जिस्म की इस झोंपड़ी में रहता हूँ आपको इन बातों की याद दिलाने से उभारता रहूँ। Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 201913 और जब तक मैं इस ख़ेमे में हूँ, तुम्हें याद दिला दिला कर उभारना अपने ऊपर वाजिब समझता हूँ। Viz kapitolaउर्दू हमअस्र तरजुमा13 बल्के में अपना फ़र्ज़ समझता हूं के जब तक में इस जिस्मानी ख़ेमे में ज़िन्दा हूं, इन बातों को याद दिला-दिला कर तुम्हें उभारना वाजिब समझता हूं, Viz kapitola |