2 सलातीन 7:2 - किताब-ए मुक़द्दस2 जिस अफ़सर के बाज़ू का सहारा बादशाह लेता था वह मर्दे-ख़ुदा की बात सुनकर बोल उठा, “यह नामुमकिन है, ख़ाह रब आसमान के दरीचे क्यों न खोल दे।” इलीशा ने जवाब दिया, “आप अपनी आँखों से इसका मुशाहदा करेंगे, लेकिन ख़ुद उसमें से कुछ न खाएँगे।” Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 20192 तब उस सरदार ने जिसके हाथ पर बादशाह भरोसा करता था, मर्द — ए — ख़ुदा को जवाब दिया, देख, अगर ख़ुदावन्द आसमान में खिड़कियाँ भी लगा दे, तोभी क्या ये बात हो सकती है उसने कहा, “सुन, तू इसे अपनी आँखों से देखेगा, लेकिन तू उसमें से खाने न पाएगा।” Viz kapitola |