2 सलातीन 5:3 - किताब-ए मुक़द्दस3 एक दिन उसने अपनी मालिकन से बात की, “काश मेरा आक़ा उस नबी से मिलने जाता जो सामरिया में रहता है। वह उसे ज़रूर शफ़ा देता।” Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 20193 उसने अपनी बीबी से कहा, “काश मेरा आक़ा उस नबी के यहाँ होता, जो सामरिया में है! तो वह उसे उसके कोढ़ से शिफ़ा दे देता।” Viz kapitola |