2 यूहन्ना 1:5 - किताब-ए मुक़द्दस5 और अब अज़ीज़ ख़ातून, मैं आपसे दरख़ास्त करता हूँ कि आएँ, हम सब एक दूसरे से मुहब्बत रखें। यह कोई नया हुक्म नहीं है जो मैं आपको लिख रहा हूँ बल्कि वही जो हमें शुरू ही से मिला है। Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 20195 अब ऐ बीवी! मैं तुझे कोई नया हुक्म नहीं, बल्कि वही जो शुरू' से हमारे पास है लिखता और तुझ से मिन्नत करके कहता हूँ कि आओ, हम एक दूसरे से मुहब्बत रख्खें। Viz kapitolaउर्दू हमअस्र तरजुमा5 और अब ऐ अज़ीज़ा ख़ातून मैं तुझे कोई नया हुक्म नहीं बल्के सिर्फ़ वोही जो शुरू से ही हमारे पास है, लिख रहा हूं और तुम से मिन्नत करता हूं के हम एक दूसरे से महब्बत रखें। Viz kapitola |