2 यूहन्ना 1:1 - किताब-ए मुक़द्दस1 यह ख़त बुज़ुर्ग यूहन्ना की तरफ़ से है। मैं चुनीदा ख़ातून और उसके बच्चों को लिख रहा हूँ जिन्हें मैं सच्चाई से प्यार करता हूँ, और न सिर्फ़ मैं बल्कि सब जो सच्चाई को जानते हैं। Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 20191 मुझ बुज़ुर्ग की तरफ़ से उस बरगुज़ीदा बीवी और उसके फ़र्ज़न्दों के नाम ख़त, जिनसे मैं उस सच्चाई की वजह से सच्ची मुहब्बत रखता हूँ, जो हम में क़ाईम रहती है, और हमेशा तक हमारे साथ रहेगी, Viz kapitolaउर्दू हमअस्र तरजुमा1 बुज़ुर्ग हज़रत यूहन्ना की जानिब से, उस बरगुज़ीदा ख़ातून और उस के फ़र्ज़न्दों के नाम ख़त जिन से मैं सच्ची महब्बत रखता हूं और न सिर्फ़ मैं बल्के वह सब मोमिनीन को भी जो हक़ से वाक़िफ़ हैं। Viz kapitola |