2 कुरि 9:12 - किताब-ए मुक़द्दस12 यों आप न सिर्फ़ मुक़द्दसीन की ज़रूरियात पूरी करेंगे बल्कि वह आपकी इस ख़िदमत से इतने मुतअस्सिर हो जाएंगे कि वह बड़े जोश से ख़ुदा का भी शुक्रिया अदा करेंगे। Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 201912 क्यूँकि इस ख़िदमत के अन्जाम देने से न सिर्फ़ मुक़द्दसों की ज़रूरते पूरी होती हैं बल्कि बहुत लोगों की तरफ़ से ख़ुदा की शुक्रगुज़ारी होती है। Viz kapitolaउर्दू हमअस्र तरजुमा12 क्यूंके तुम्हारी इस ख़िदमत से न सिर्फ़ मुक़द्दसीन की ज़रूरतें पूरी होती हैं, बल्के बहुत से लोगों की तरफ़ से ख़ुदा का शुक्राना भी अदा किया जाता है। Viz kapitola |