2 कुरि 6:2 - किताब-ए मुक़द्दस2 क्योंकि अल्लाह फ़रमाता है, “क़बूलियत के वक़्त मैंने तेरी सुनी, नजात के दिन तेरी मदद की।” सुनें! अब क़बूलियत का वक़्त आ गया है, अब नजात का दिन है। Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 20192 क्यूँकि वो फ़रमाता है कि मैंने क़ुबूलियत के वक़्त तेरी सुन ली और नजात के दिन तेरी मदद की; देखो अब क़बूलियत का वक़्त है; देखो ये नजात का दिन है। Viz kapitolaउर्दू हमअस्र तरजुमा2 क्यूंके ख़ुदा फ़रमाता है, “मैंने क़बूलियत के वक़्त तेरी सुन ली, और नजात के दिन तेरी मदद की।” देखो! क़बूलियत का वक़्त यही है और नजात का दिन आज ही है। Viz kapitola |