2 कुरि 5:9 - किताब-ए मुक़द्दस9 लेकिन ख़ाह हम अपने बदन में हों या न, हम इसी कोशिश में रहते हैं कि ख़ुदावंद को पसंद आएँ। Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 20199 इसी वास्ते हम ये हौसला रखते हैं कि वतन में हूँ चाहे जेला वतन उसको ख़ुश करें। Viz kapitolaउर्दू हमअस्र तरजुमा9 लेकिन ख़्वाह हम अपने घर में हों ख़्वाह उस से दूर, हमारा मक़सद तो ख़ुदावन्द को ख़ुश रखना है। Viz kapitola |