2 कुरि 3:9 - किताब-ए मुक़द्दस9 अगर पुराना निज़ाम जो हमें मुजरिम ठहराता था जलाली था तो फिर नया निज़ाम जो हमें रास्तबाज़ क़रार देता है कहीं ज़्यादा जलाली होगा। Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 20199 क्यूँकि जब मुजरिम ठहराने वाला अहद जलाल वाला था तो रास्तबाज़ी का अहद तो ज़रूर ही जलाल वाला होगा। Viz kapitolaउर्दू हमअस्र तरजुमा9 जब मुजरिम ठहराने वाला अह्द जलाल वाला है तो रास्तबाज़ ठहराने वाला अह्द यक़ीनी तौर पर ज़्यादा जलाल वाला क्यूं न होगा? Viz kapitola |