2 कुरि 3:3 - किताब-ए मुक़द्दस3 यह साफ़ ज़ाहिर है कि आप मसीह का ख़त हैं जो उसने हमारी ख़िदमत के ज़रीए लिख दिया है। और यह ख़त स्याही से नहीं बल्कि ज़िंदा ख़ुदा के रूह से लिखा गया, पत्थर की तख़्तियों पर नहीं बल्कि इनसानी दिलों पर। Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 20193 ज़ाहिर है कि तुम मसीह का वो ख़त जो हम ने ख़ादिमों के तौर पर लिखा; स्याही से नहीं बल्कि ज़िन्दा ख़ुदा के रूह से पत्थर की तख़्तियों पर नहीं बल्कि गोश्त या'नी दिल की तख़्तियों पर। Viz kapitolaउर्दू हमअस्र तरजुमा3 ज़ाहिर है के तुम वह ख़त हो जिसे हम ने अलमसीह के ख़ादिमो की हैसियत से तहरीर किया है, यह ख़त रौशनाई से नहीं, बल्के ज़िन्दा ख़ुदा के पाक रूह के ज़रीये पत्थर की तख़्तियों पर नहीं बल्के इन्सानी जिस्म के दिलों की तख़्तियों पर लिख्खा गया है। Viz kapitola |