2 कुरि 2:6 - किताब-ए मुक़द्दस6 लेकिन मज़कूरा शख़्स के लिए यह काफ़ी है कि उसे जमात के अकसर लोगों ने सज़ा दी है। Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 20196 यही सज़ा जो उसने अक्सरों की तरफ़ से पाई ऐसे शख़्स के वास्ते काफ़ी है। Viz kapitolaउर्दू हमअस्र तरजुमा6 और तुम सब की नाराज़गी की वजह से जो सज़ा उसे मिल चुकी है वह काफ़ी है। Viz kapitola |