2 कुरि 12:9 - किताब-ए मुक़द्दस9 लेकिन उसने मुझे यही जवाब दिया, “मेरा फ़ज़ल तेरे लिए काफ़ी है, क्योंकि मेरी क़ुदरत का पूरा इज़हार तेरी कमज़ोर हालत ही में होता है।” इसलिए मैं मज़ीद ख़ुशी से अपनी कमज़ोरियों पर फ़ख़र करूँगा ताकि मसीह की क़ुदरत मुझ पर ठहरी रहे। Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 20199 मगर उसने मुझ से कहा कि मेरा फ़ज़ल तेरे लिए काफ़ी है क्यूँकि मेरी क़ुदरत कमज़ोरी में पूरी होती है पस मैं बड़ी ख़ुशी से अपनी कमज़ोरी पर फ़ख़्र करूँगा ताकि मसीह की क़ुदरत मुझ पर छाई रहे। Viz kapitolaउर्दू हमअस्र तरजुमा9 मगर ख़ुदावन्द ने मुझे जवाब दिया, “मेरा फ़ज़ल तेरे लिये काफ़ी है क्यूंके मेरी क़ुदरत कमज़ोरी ही में पूरी होती है।” लिहाज़ा मैं अपनी कमज़ोरियों पर फ़ख़्र करूंगा, ताके मैं अलमसीह की क़ुदरत के ज़ेरे साया रहूं। Viz kapitola |