2 कुरि 11:29 - किताब-ए मुक़द्दस29 जब कोई कमज़ोर है तो मैं अपने आपको भी कमज़ोर महसूस करता हूँ। जब किसी को ग़लत राह पर लाया जाता है तो मैं उसके लिए शदीद रंजिश महसूस करता हूँ। Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 201929 किसी की कमज़ोरी से मैं कमज़ोर नहीं होता, किसी के ठोकर खाने से मेरा दिल नहीं दुःखता? Viz kapitolaउर्दू हमअस्र तरजुमा29 किस की कमज़ोरी से मैं कमज़ोर नहीं होता, और किस के गुनाहों में मुब्तिला होने पर मेरा दिल नहीं दुखता? Viz kapitola |