2 कुरि 11:21 - किताब-ए मुक़द्दस21 यह कहकर मुझे शर्म आती है कि हम इतने कमज़ोर थे कि हम ऐसा न कर सके। लेकिन अगर कोई किसी बात पर फ़ख़र करने की जुर्रत करे (मैं अहमक़ की-सी बात कर रहा हूँ) तो मैं भी उतनी ही जुर्रत करूँगा। Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 201921 मेरा ये कहना ज़िल्लत के तौर पर सही कि हम कमज़ोर से थे मगर जिस किसी बात में कोई दिलेर है (अगरचे ये कहना बेवक़ूफ़ी है) मैं भी दिलेर हूँ। Viz kapitolaउर्दू हमअस्र तरजुमा21 मुझे शरम आती है के हम ऐसों के मुक़ाबला में बड़े कमज़ोर निकले! अगर किसी को किसी बात पर फ़ख़्र करने की जुरअत है तो ऐसी जुरअत मुझे भी है। यह बात में किसी बेवक़ूफ़ की तरह कह रहा हूं। Viz kapitola |