2 कुरि 10:18 - किताब-ए मुक़द्दस18 जब लोग अपनी तारीफ़ करके अपनी सिफ़ारिश करते हैं तो इसमें क्या है! इससे वह सहीह साबित नहीं होते, बल्कि अहम बात यह है कि ख़ुदावंद ही इसकी तसदीक़ करे। Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 201918 क्यूँकि जो अपनी नेकनामी जताता है वो मक़बूल नहीं बल्कि जिसको ख़ुदावन्द नेकनाम ठहराता है वही मक़बूल है। Viz kapitolaउर्दू हमअस्र तरजुमा18 क्यूंके जो कोई अपने मुंह से अपनी तारीफ़ करता है वह मक़्बूल नहीं होता, बल्के जिसे ख़ुदावन्द नेकनाम ठहराता है वोही मक़्बूल होता है। Viz kapitola |