1 तीमु 1:7 - किताब-ए मुक़द्दस7 यह शरीअत के उस्ताद बनना चाहते हैं, लेकिन उन्हें उन बातों की समझ नहीं आती जो वह कर रहे हैं और जिन पर वह इतने एतमाद से इसरार कर रहे हैं। Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 20197 और शरी'अत के मु'अल्लिम बनना चाहते हैं, हालाँकि जो बातें कहते हैं और जिनका यक़ीनी तौर से दावा करते हैं, उनको समझते भी नहीं। Viz kapitolaउर्दू हमअस्र तरजुमा7 वह शरीअत के मुअल्लिम बनना चाहते हैं, हालांके वो जो बातें कहते हैं और जिन का यक़ीनी तौर से दावा करते हैं उन्हें समझते भी नहीं हैं। Viz kapitola |