1 थिस्स 5:8 - किताब-ए मुक़द्दस8 लेकिन चूँकि हम दिन के हैं इसलिए आएँ हम होश में रहें। लाज़िम है कि हम ईमान और मुहब्बत को ज़िरा-बकतर के तौर पर और नजात की उम्मीद को ख़ोद के तौर पर पहन लें। Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 20198 मगर हम जो दिन के हैं ईमान और मुहब्बत का बख़्तर लगा कर और निजात की उम्मीद कि टोपी पहन कर होशियार रहें। Viz kapitolaउर्दू हमअस्र तरजुमा8 चूंके हम दिन के हैं इसलिये हम ईमान और महब्बत का बकतर लगा कर और नजात की उम्मीद का ख़ोद यानी टोपी पहन कर होशयार रहें। Viz kapitola |