1 थिस्स 1:5 - किताब-ए मुक़द्दस5 क्योंकि जब हमने अल्लाह की ख़ुशख़बरी आप तक पहुँचाई तो न सिर्फ़ बातें करके बल्कि क़ुव्वत के साथ, रूहुल-क़ूदस में और पूरे एतमाद के साथ। आप जानते हैं कि जब हम आपके पास थे तो हमने किस तरह की ज़िंदगी गुज़ारी। जो कुछ हमने किया वह आपकी ख़ातिर किया। Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 20195 इसलिए कि हमारी ख़ुशख़बरी तुम्हारे पास न फ़क़त लफ़ज़ी तौर पर पहुँची बल्कि क़ुदरत और रूह — उल — क़ुद्दूस और पूरे यक़ीन के साथ भी चुनाँचे तुम जानते हो कि हम तुम्हारी ख़ातिर तुम में कैसे बन गए थे। Viz kapitolaउर्दू हमअस्र तरजुमा5 क्यूंके तुम्हारे पास हमारी ख़ुशख़बरी महज़ लफ़्ज़ी तौर पर ही नहीं बल्के क़ुदरत, पाक रूह और पूरे यक़ीन के साथ तुम तक पहुंची; चुनांचे तुम जानते हो के हम तुम्हारी ख़ातिर तुम्हारे दरमियान किस तरह ज़िन्दगी गुज़ारते थे। Viz kapitola |