1 समुएल 27:5 - किताब-ए मुक़द्दस5 एक दिन दाऊद ने अकीस से बात की, “अगर आपकी नज़रे-करम मुझ पर है तो मुझे देहात की किसी आबादी में रहने की इजाज़त दें। क्या ज़रूरत है कि मैं यहाँ आपके साथ दारुल-हुकूमत में रहूँ?” Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 20195 और दाऊद ने अकीस से कहा, “कि अगर मुझ पर तेरे करम की नज़र है तो मुझे उस मुल्क के शहरों में कहीं जगह दिला दे ताकि मैं वहाँ बसूँ, तेरा ख़ादिम तेरे साथ दार — उस — सल्तनत में क्यूँ रहें?” Viz kapitola |