1 समुएल 27:11 - किताब-ए मुक़द्दस11 जब भी दाऊद किसी आबादी पर हमला करता तो वह तमाम बाशिंदों को मौत के घाट उतार देता और न मर्द, न औरत को ज़िंदा छोड़कर जात लाता। क्योंकि उसने सोचा, “ऐसा न हो कि फ़िलिस्तियों को पता चले कि मैं असल में इसराईली आबादियों पर हमला नहीं कर रहा।” जितना वक़्त दाऊद ने फ़िलिस्ती मुल्क में गुज़ारा वह ऐसा ही करता रहा। Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 201911 और दाऊद उन में से एक मर्द 'औरत को भी ज़िन्दा बचा कर जात में नहीं लाता था और कहता था कि “कहीं वह हमारी हक़ीक़त न खोल दें, और कह दें कि दाऊद ने ऐसा ऐसा किया और जब से वह फ़िलिस्तियों के मुल्क में बसा है, तब से उसका यहीं तरीक़ा रहा, है।” Viz kapitola |