1 पतरस 3:10 - किताब-ए मुक़द्दस10 कलामे-मुक़द्दस यों फ़रमाता है, “कौन मज़े से ज़िंदगी गुज़ारना और अच्छे दिन देखना चाहता है? वह अपनी ज़बान को शरीर बातें करने से रोके और अपने होंटों को झूट बोलने से। Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 201910 चुनाँचे “जो कोई ज़िन्दगी से ख़ुश होना और अच्छे दिन देखना चाहे, वो ज़बान को बदी से और होंटों को मक्र की बात कहने से बाज़ रख्खे। Viz kapitolaउर्दू हमअस्र तरजुमा10 जैसा के किताब-ए-मुक़द्दस का बयान है, “जो कोई ज़िन्दगी से महब्बत रखता है और अच्छे दिन देखने का ख़ाहिशमन्द है, वह अपनी ज़बान को बदी से और लबों को दग़ा की बातों से बाज़ रखे। Viz kapitola |