1 पतरस 1:24 - किताब-ए मुक़द्दस24 यों कलामे-मुक़द्दस फ़रमाता है, “तमाम इनसान घास ही हैं, उनकी तमाम शानो-शौकत जंगली फूल की मानिंद है। घास तो मुरझा जाती और फूल गिर जाता है, Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 201924 चुनाँचे हर आदमी घास की तरह है, और उसकी सारी शान — ओ — शौकत घास के फूल की तरह। घास तो सूख जाती है, और फूल गिर जाता है। Viz kapitolaउर्दू हमअस्र तरजुमा24 क्यूंके, “हर बशर घास की मानिन्द है, और उन की सारी शान-ओ-शौकत मैदान के फूलों की मानिन्द है; घास सूख जाती है और फूल मुरझा जाते हैं, Viz kapitola |