1 यूहन्ना 5:3 - किताब-ए मुक़द्दस3 क्योंकि अल्लाह से मुहब्बत से मुराद यह है कि हम उसके अहकाम पर अमल करें। और उसके अहकाम हमारे लिए बोझ का बाइस नहीं हैं, Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 20193 और ख़ुदा की मुहब्बत ये है कि हम उसके हुक्मों पर 'अमल करें, और उसके हुक्म सख़्त नहीं। Viz kapitolaउर्दू हमअस्र तरजुमा3 असल में ख़ुदा से महब्बत रखने से मुराद ये है के हम उस के हुक्मों पर अमल करते हैं और उन्हें अपने लिये बोझ नहीं समझते। Viz kapitola |