1 कुरि 9:27 - किताब-ए मुक़द्दस27 मैं अपने बदन को मारता कूटता और इसे अपना ग़ुलाम बनाता हूँ, ऐसा न हो कि दूसरों में मुनादी करके ख़ुद नामक़बूल ठहरूँ। Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 201927 बल्कि मैं अपने बदन को मारता कूटता और उसे क़ाबू में रखता हूँ; ऐसा न हो कि औरों में ऐलान कर के आप ना मक़बूल ठहरूँ। Viz kapitolaउर्दू हमअस्र तरजुमा27 बल्के मैं अपने बदन को मारता, पीटता और उसे क़ाबू में रखता हूं ताके ऐसा न हो के दूसरों को तब्लीग़ करने के बाद में ख़ुद इन्आम से महरूम रह जाऊं। Viz kapitola |